Wednesday, April 21, 2010

न्यू सवेरा एजुकेशनल सोसाइटी ( REGD.)

भूर्भुव: स्वः तत् सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः
प्रचोदयात्
हिन्दी में भावार्थ
- प्राथमिक ध्वनि,
भू: - पदार्थ और ऊर्जा
भुव: - अन्‍तरि‍क्ष
स्‍व: - आत्‍मा
भर्ग - शुद्धस्‍वरूप और पवि‍त्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्‍वरूप ईश्‍
भूर्भुव: स्वः - पदार्थ, ऊर्जा, अन्‍तरि‍क्ष और आत्‍मा में वि‍चरण करने वाला शुद्धस्‍वरूप और पवि‍त्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्‍वरूप ईश्‍वर
तत् - वह, उस
सवि‍तु: - सूर्य, प्रेरक
वरेण्‍यं - पूज्‍य
भर्ग: - शुद्ध स्‍वरूप
देवस्‍य - देवता का, देवता को
तत् सवितुर्वरेण्यम् भर्गो - उस प्रेरक, पूज्‍य, शुद्ध स्‍वरूप देवता को
धीमहि‍ - हमारा मन अथवा हमारी बुद्धि‍ धारण करे, हम उसका मनन, ध्यान करें
धि‍य: - बुद्धि‍, समझ
य: - वह (ईश्वर)
न: - हमारी
प्रचोदयात् - अच्‍छे कामों में प्रवृत्‍त करे
धियो यो नः प्रचोदयात् - वह हमारी बुद्धि‍ को अच्‍छे कामों में प्रवृत्‍त करे
पूरा अर्थ - पदार्थ, ऊर्जा, अन्‍तरि‍क्ष और आत्‍मा में वि‍चरण करने वाले उस प्रेरक, पूज्‍य, शुद्ध स्‍वरूप देवता का हम ध्यान करें और वह हमारी बुद्धि‍ को अच्‍छे कामों में प्रवृत्‍त करे।

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