न्यू सवेरा एजुकेशनल सोसाइटी ( REGD.)
ॐ भूर्भुव: स्वः तत् सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
हिन्दी में भावार्थ
ॐ - प्राथमिक ध्वनि, ईश्वरभू: - पदार्थ और ऊर्जाभुव: - अन्तरिक्षस्व: - आत्माभर्ग - शुद्धस्वरूप और पवित्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्वरूप ईश्वरॐ भूर्भुव: स्वः - पदार्थ, ऊर्जा, अन्तरिक्ष और आत्मा में विचरण करने वाला शुद्धस्वरूप और पवित्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्वरूप ईश्वरतत् - वह, उससवितु: - सूर्य, प्रेरकवरेण्यं - पूज्यभर्ग: - शुद्ध स्वरूपदेवस्य - देवता का, देवता कोतत् सवितुर्वरेण्यम् भर्गो - उस प्रेरक, पूज्य, शुद्ध स्वरूप देवता कोधीमहि - हमारा मन अथवा हमारी बुद्धि धारण करे, हम उसका मनन, ध्यान करेंधिय: - बुद्धि, समझय: - वह (ईश्वर)न: - हमारीप्रचोदयात् - अच्छे कामों में प्रवृत्त करेधियो यो नः प्रचोदयात् - वह हमारी बुद्धि को अच्छे कामों में प्रवृत्त करेपूरा अर्थ - पदार्थ, ऊर्जा, अन्तरिक्ष और आत्मा में विचरण करने वाले उस प्रेरक, पूज्य, शुद्ध स्वरूप देवता का हम ध्यान करें और वह हमारी बुद्धि को अच्छे कामों में प्रवृत्त करे।
ॐ - प्राथमिक ध्वनि, ईश्वरभू: - पदार्थ और ऊर्जाभुव: - अन्तरिक्षस्व: - आत्माभर्ग - शुद्धस्वरूप और पवित्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्वरूप ईश्वरॐ भूर्भुव: स्वः - पदार्थ, ऊर्जा, अन्तरिक्ष और आत्मा में विचरण करने वाला शुद्धस्वरूप और पवित्र करने वाला चेतन ब्रह्म स्वरूप ईश्वरतत् - वह, उससवितु: - सूर्य, प्रेरकवरेण्यं - पूज्यभर्ग: - शुद्ध स्वरूपदेवस्य - देवता का, देवता कोतत् सवितुर्वरेण्यम् भर्गो - उस प्रेरक, पूज्य, शुद्ध स्वरूप देवता कोधीमहि - हमारा मन अथवा हमारी बुद्धि धारण करे, हम उसका मनन, ध्यान करेंधिय: - बुद्धि, समझय: - वह (ईश्वर)न: - हमारीप्रचोदयात् - अच्छे कामों में प्रवृत्त करेधियो यो नः प्रचोदयात् - वह हमारी बुद्धि को अच्छे कामों में प्रवृत्त करेपूरा अर्थ - पदार्थ, ऊर्जा, अन्तरिक्ष और आत्मा में विचरण करने वाले उस प्रेरक, पूज्य, शुद्ध स्वरूप देवता का हम ध्यान करें और वह हमारी बुद्धि को अच्छे कामों में प्रवृत्त करे।
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